विधानसभा चुनावों को लेकर दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर धानक समाज के सम्मेलन का आयोजन

नई दिल्ली, 25 नवम्बर। विधानसभा चुनावों में कुशल रणनीति को लेकर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर आज अनुसुचित जाति मोर्चा ने बड़े स्तर पर धानक समाज सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में दिल्ली के अलग अलग 25 विधानसभाओं से धानक समाज के प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में दिल्ली प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, पूर्व सांसद डाॅ. अनिता आर्य, प्रदेश महामंत्री श्री रविन्द्र गुप्ता एवं मोर्चा अध्यक्ष श्री मोहन लाल गिहार, मोर्चा महामंत्री श्री लाजपत राय, श्री राहुल गौतम एवं मीडिया प्रभारी श्री राजकुमार कन्नौजिया उपस्थित थे।

 

धानक समाज के लोगों का आह्वान करते हुये दिल्ली प्रदेश संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन ने कहा कि धानक समाज को मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि वो भाजपा को अपना पूर्ण समर्थन दे ताकि दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बन सकें। आप सभी कार्यकर्ता संगठन के मूल प्रेरणा स्त्रोत है आपकी की गई मेहनत हमारी विजय को सुनिश्चित करेगी। 25 कार्यकर्ता आप लोगों में से पूर्ण रूप से सक्रिय रहे ताकि दिल्ली व देश की राजनीति में आपकी अहम भूमिका बन पाये।

 

प्रदेश महामंत्री श्री रविन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लोककल्याणकारी क्षमता के कारण आज अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का ऐतिहासकि कदम उठाया गया है और जल्द ही सभी लोगों को उनके घर का मालिकाना हक मिलेगा। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि झुग्गी में रहने वाले लोगों को जहां झुग्गी वहां पक्का मकान देगें। लेकिन सत्ता में आने के बाद ही सबसे अधिक यदि किसी के साथ धोखा हुआ तो वो झुग्गियों में रहने वाले लाखों लोगों के साथ हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की योजना के तहत सभी को 2024 तक पक्का मकान दिया जायेगा।

 

अनुसुचित जति मोर्चा के अध्यक्ष श्री मोहन लाल गिहारा ने कहा कि धानक समाज की भूमिका विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण होने वाली है। आप कल के मुख्यमंत्री का चुनाव करने जा रहे हैं। आप सभी के सामने विकल्प स्पष्ट है और वो है भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार क्योंकि भाजपा ने जो कहा वो किया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को केवल भटकाने का काम किया, लेकिन मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के महज 100 दिन के भीतर ऐतिहासिक निर्णय कर सभी लोगों को उनके घर का मालिकाना हक दिया है।