प्रदर्शन पर बैठी महिलाओं ने पुलिस पर डराने धमकाने का लगाया आरोप







नई दिल्ली 16 जनवरी ! नागरिकता संशोधन कानून CAA के विरुद्ध में पिछले 5 सप्ताह से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं जिसमें महिलाएं भी आगे आगे नजर आ रही हैं ! शाहीन बाग प्रदर्शन से जो दिलेरी व हिम्मत महिलाओं ने दिखाई वह धीरे-धीरे पूरे देश में फैल रही है ! इसी श्रंखला में 13 जनवरी से खुरेजी की महिलाओं ने भी मोर्चा संभाला है और शांतिप्रिय ढंग से विरोध प्रदर्शन चल रहा था कि 14 फरवरी की रात 3:00 बजे पुलिस ने पूरे दल बल के साथ प्रदर्शन कर रही महिलाओं को उखाड़ फेंकने की कोशिश की ! सीनियर एडवोकेट  प्रशांत भूषण ने  संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी लड़ाई पुलिस से नहीं बल्कि भाजपा की मोदी सरकार द्वारा संविधान के विरुद्ध बनाए गए CAA के विरुद्ध है  ! उन्होंने बीती रात के पुलिसिया रवैए की निंदा करते हुए कहा कि पुलिस के सभी अधिकारी बुरे नहीं होते,जब होम मिनिस्ट्री से कोई आदेश पुलिस को मिल जाता है तो पुलिस विवश हो जाती है ! उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि कानूनी लड़ाई के लिए किसी भी हद तक जाना  पड़ा तो जाएंगे, आपको घबराने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ हूं !

 पूर्व पार्षद इशरत जहां ने पुलिस के रवैए की निंदा करते हुए कहा कि मोदी पुलिस ने जो महिलाओं को डराने धमकाने की कोशिश की उससे इस प्रदर्शन को और अधिक बल मिला है ! पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शन को खत्म करने के लिए दबाव बनाया, रात को करीब 3:00 बजे पुलिस ने लाइट बंद करके टेंट में तोड़फोड़ व माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन क्षेत्रवासियों की सूझबूझ के चलते रात को 3:00 बजे भारी संख्या लोग एकत्रित हुए और पुलिस को वहां से निकलना पड़ा !

 प्रदर्शन स्थल पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को धरने का नेतृत्व कर रही सदफ मेहनाज व सारा ने भी संबोधित किया ! इसके अलावा प्रमुख समाज सेवी रवि नायर, पूर्व सांसद संदीप दीक्षित,लखनऊ से प्रमुख समाजसेवी सदफ जाफरी, बी एस बिंद्रा, महिला कांग्रेस लीडर प्रवीणा शर्मा,मशहूर कवि आमिर अजीज, सीनियर जर्नलिस्ट अमित सेन गुप्ता, आईएएस कोच समीर सिद्दीकी, गायक पूजन साहिल आदि भी अपना समर्थन देने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे !