चीन के वुहान से भारतीयों को किया एयर लिफ्ट जिसमे छात्रों की संख्या अधिक पाई गयी


एयर इंडिया के बोइंग 747 विमान ने चीन के वुहान से भारतीयों को लाने के लिए दो आपातकालीन उड़ानें भरीं. इन भारतीयों में ज्यादातर छात्र हैं. वुहान में खतरनाक कोरोना वायरस फैलने के बाद वहां पूरे शहर को बंद कर दिया गया था, ताकि वायरस फैलने से रोका जा सके. इसलिए भारतीयों को वहां से निकालने का फैसला किया गया और इसके लिए एयर इंडिया के दो विमान भेजे गए थे.


एयर इंडिया का यह विमान पहली उड़ान में 324 लोगों को और अगले दिन दूसरी उड़ान में 323 लोगों को भारत लाया, जिसमें सात लोग मालदीव के थे.


चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था. चमकीली सड़कों पर मुर्दनी छायी थी. एयरपोर्ट को हवाई जहाजों के साथ बंद कर दिया गया था. वहां के दृश्य ऐसे थे जैसे यह कयामत का दिन हो.' कुछ ऐसा वर्णन है चीन के शहर वुहान का, जहां कोरोना वायरस तबाही मचा रहा है. यह वर्णन करने वाले एयर इंडिया के शीर्ष पायलट अमिताभ सिंह हैं, जिन पर वुहान से भारतीयों को बचाकर लाने का जिम्मा था


एयर इंडिया के इस शीर्ष पायलट ने बताया कि जिस क्षण उनके हवाई जहाज ने भारतीयों को चीनी शहर वुहान से बचाने के लिए उड़ान भरी, उस समय वहां का माहौल कैसा था. वुहान ही इस घातक वायरस के प्रकोप का केंद्र है जहां कोरोना वायरस का मामला सामने आया और अब तक यह करीब 1500 लोगों की जान ले चुका है और 65000 लोग इसकी चपेट में हैं.