केजरीवाल सरकार द्वारा अस्पतालों में बेड की उपलब्धता बताने के लिए लॉन्च किया गया ऐप रिएलिटी चेक में हुआ फेल- आदेश कुमार गुप्ता


नई दिल्ली, 3 जून। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा निरंतर बोले जा रहे झूठ और बदइंतजामी को लेकर दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री आदेश कुमार गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने अपनी कमियों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुप्रबंधन को लेकर निरंतर झूठ बोलती आई है और समय-समय पर एक नए झूठ के साथ उस पर पर्दा भी डालती आई है। अब दिल्ली सरकार द्वारा लाॅन्च किया गया ऐप उनकी पोल खोल रहा है। कल ही केजरीवाल सरकार ने अस्पतालों में बेड की उपलब्धता बताने के लिए ऐप लॉन्च किया जिसमें बताया गया कि 7 अस्पतालों में 100% बेड उपलब्ध है। कुछ घंटे बाद किए गए रियलिटी चेक में पता चला कि ऐप में शामिल 7 में से 4 अस्पताल कोविड-19 के मरीजों को भर्ती नहीं कर रहे हैं जबकि बचे तीन अस्पतालों ने बेड फुल होने की जानकारी दी। कोविड-19 महामारी के समय में भी केजरीवाल सरकार ने मृत्यु के आंकड़ों, टेस्टिंग और अब अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर झूठ बोलकर दिल्ली के लोगों का दर्द बढ़ाया है। 

श्री गुप्ता ने कहा कि कोरोना संकट के समय में भी दिल्ली सरकार ने मजदूरों के हितों के लिए काम नहीं किया, उसके विपरीत उन्हें भोजन और राशन से वंचित रह कर पलायन करने पर मजबूर कर दिया। जो मजदूर यहां रह गए वह भी अब दयनीय हालत में है। आजादपुर मंडी में काम कर रहे करीब 6 हजार मजदूर भी असहाय हो गए हैं। मजदूरों के लिए मदद के लिए दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा लेकिन दिल्ली सरकार के वकील भी मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दे पाए जिससे साफ जाहिर है कि केजरीवाल सरकार ने मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार किया। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी केजरीवाल सरकार को आदेश दिए हैं कि मजूदरों के लिए हंगर रिलीफ सेंटर बनाए जाएं, ताकि दोनों टाइम खाना उपलब्ध कराया जा सके। मेरा भी दिल्ली सरकार से आग्रह है कि वह आजादपुर मंडी के मजदूरों के लिए खाने का इंतजाम करें।