यमुना घाटों पर नहीं होगी छठ पूजा : एसीपी वीरेंद्र शर्मा

जनता में लापरवाही के कारण बढ़ रहा है करोना : थाना अध्यक्ष



नई दिल्ली। कोरोना महामारी अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है करीब पिछले 9 महीने से देशवासी करोना की मार झेल रहे हैं,दवाई अभी इस बीमारी की बनी नहीं है। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क जैसे उपयोग से ही इस बीमारी को फैलाने से रोका जा सकता है,जिसके लिए सरकार व प्रशासन प्रयासरत हैं। लॉकडाउन के दौरान व उसके बाद भी पुलिस की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। लेकिन इन सबके बीच कुछ अधिकारी ऐसे भी नज़र आए जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी से दो कदम आगे बढ़कर कर्तव्य का निर्वाह किया। जी हां हम बात कर रहे हैं प्रीत विहार के सहायक पुलिस आयुक्त श्री वीरेंद्र कुमार शर्मा व शकरपुर थाना अध्यक्ष श्री संजीव कुमार शर्मा की। उक्त अधिकारियों ने कोरोना से लड़ी जा रही लड़ाई में अपनी अहम भूमिका निभाई है,क्षेत्रवासियों को कोरोना के प्रति न सिर्फ जागरूक किया बल्कि हर सम्भव  मदद भी की है। इनकी कर्मठता के मद्देनज़र 18 नवंबर को मानव जागरूकता विकास समिति द्वारा कोरोना योद्धा अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर ए सी पी श्री विरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे क्षेत्र में कोरोना नियंत्रण में है,इसका श्रेय हमारे पुलिस कर्मियों के साथ-साथ आर,डब्लू,ए व अन्य सामाजिक संगठनों को भी जाता है जिन्होंने जनता को जागरूक करने में हमारी भरपूर मदद की। उन्होंने कहा इस बीच ईद और दीवाली जैसे बड़े त्योहार भी आए लेकिन जनता ने सूझ बूझ से काम लिया। लेकिन आने वाले दिनों में लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी है !अगले दो महीने बहुत ज्यादा खतरनाक हैं,वर्तमान समय में भी करोना रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। श्री वीरेंद्र शर्मा ने छठ पूजा के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार व प्रशासन ने यमुना के घाटों पर जमा होकर पूजा अर्चना की अनुमति नहीं दी है क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा है ! इसलिए मेरी अपील है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखते हुए अपने अपने घरों पर ही छठ पर्व को मनाएं। थाना अध्यक्ष श्री संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है तथा घर के बाहर रहने पर मास्क व अलकोहॉल  युक्व हैडंरब  से हाथों को साफ करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा इन दिनों कोरोना रोगियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है,करीब 100 लोगों  की प्रति दिन मृत्यु भी हो रही है जिसका मुख्य कारण यही है कि लोगों में लापरवाही बढ़ रही है,इसलिए जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं !