मोमिन कांफ्रेंस ने हमेशा सेकूलर पार्टियों को सहयोग किया : फ़िरोज़ अंसारी एडवोकेट



बिरादरी के उत्थान के लिए ज़रूरी हैं राजनीति में दख़ल : इमरान अंसारी

नई दिल्ली ! ऑल इंडिया मोमिन कांफ्रेंस की दिल्ली स्टैट वर्किंग कमेटी की एक मीटिंग डी दी यू मार्ग स्थित गाँधी पीस फ़ाउंडेशन के सभागार में सम्पन्न हुई ! दिल्ली राज्य के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद इमरान अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष फ़िरोज़ अंसारी एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल रशीद अंसारी,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी सुबहान अंसारी,प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी अनवार अंसारी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की !

इस बैठक में अंसारी बिरादरी के उत्थान,संगठन के विस्तार,समाज  व देश के प्रति दायित्व,समाज सुधार,करोना महामारी से बचाव,सरकारी योजनाओं के उपयोग,राजनीति में भागीदारी आदि विषयों पर चर्चा की गई !
एडवोकेट फ़िरोज़ अंसारी ने कहा कि आज़ादी के 73 वर्ष बीत जाने के बाद भी अंसारी विरादरी नि:सदेह आर्थिक, शैक्षणिक व राजनीतिक तौर पर पिछडी हुई है,जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकारों के साथ साथ हम ख़ुद ज़िम्मेदार हैं।समुदाय की तरक़्क़ी के लिए राजनीति में भागीदारी ज़रूरी है !मोमिन कॉन्फ़्रेंस ने हमेशा सेक्युलर पार्टियों का साथ दिया है जो भविष्य में भी जारी रहेगा।
                    हाजी इमरान अंसारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि बिरादरी की तरक़्क़ी के लिए राजनीतिक संगठनों में हमें अपनी भागीदारी को बढ़ाना होगा।चुनाव के समय समुदाय के अधिकांश लोगों को राजनीतिक पार्टियों की याद आती है,इस तरह टिकट मिलना संभव नहीं है,हमें राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियों में रेगुलर शामिल होना होगा ! उन्होंने कहा जल्द ही हम संगठन का विस्तार करेंगे तथा सिलाई, शिक्षा व कंप्यूटर सेक्टरों की व्यवस्था करेंगे ताकि आर्थिक रूप से पिछड़े व ज़रूरतमंदों की मदद हो सके।
                                   अब्दुल रशीद अंसारी ने कहा कि समुदाय की तरक़्क़ी के लिए सबसे ज़रूरी यह है कि हम एक दूसरे की मदद करें और अनुशासन क़ायम करें। वर्तमान परिवेश में धार्मिक भेदभाव के कारण सामाजिक दूरियां काफ़ी बढ़ गई है,जिनको कम करना भी ज़रूरी है।उन्होंने कहा समुदाय में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता की भी कमी है।
                    प्रदेश महासचिव डॉक्टर मुश्ताक़ अंसारी ने अपने विचारों से अवगत करते हुए कहा कि आधिकारों की बात तो सब करते हैं लेकिन कर्तव्यों से दूर भागते हैं, कोई भी संगठन तभी किसी लक्ष्य तक पहुँचना है जब उसके सभी सदस्य कर्तव्य का भी निर्वाह करें।उन्होंने कहा मोमिन कॉन्फ़्रेन्स के लोग जब संगठित थे तो हमारी बिरादरी के कई सांसद संसद में होते थे।
                               इस बैठक में मंच का संचालन दानिश अयूबी ने किया तथा अनवार अंसारी,सुबहान अंसारी,सलीम अंसारी,हाजी रियाज़ुद्दीन अंसारी,सज्जाद हुसैन अंसारी एडवोकेट,मक़सूद अंसारी,अली अख़्तर अंसारी, अलीम अंसारी,शाकिर अंसारी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Report by 
Shivani Choudhary