किसानों का समर्थन कर रहे समाजवादी नेताओं के साथ दुर्व्यवहार




उत्तर प्रदेश ! समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश अखिलेश यादव के आव्हान पर पार्टी की किसान यात्रा से डरे प्रशासन ने अपना दमनचक्र चलाने में हद कर दी है। रात से ही समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिस का पहरा बैठ गया। सुबह होते-होते नेताओं की गिरफ्तारी शुरू हो गई। कई स्थानों पर पुलिस ने बर्बरता से लाठियां बरसाईं। तमाम नेताओं को घरों में नज़रबंद कर दिया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी गिरफ्तारी दी। जहां कार्यकर्ता निकले उन्हें जबरन बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।

प्राप्त सूचनाओं के अनुसार उन्नाव, कानपुर, जौनपुर, हरदोई, फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, कासगंज, अलीगढ़, बरेली, आगरा, हाथरस, लखीमपुरखीरी, नोएडा, कन्नौज, मेरठ, बरेली, सीतापुर, इटावा, आजमगढ़, रायबरेली सहित प्रदेश के तमाम जनपदों में समाजवादी पार्टी की ओर से किसान यात्राएं निकाली गईं। 

लखनऊ में कार्यालय के बाहर पुलिस ने सुबह से ही छावनी बना ली। कार्यकर्ताओं को बाहर निकलने से रोका गया। पुलिस ने नौजवानों से अभद्रता की और लाठीचार्ज किया। एमएलसी राजू यादव की पिटाई कर दी गई। एमएलसी राजपाल कश्यप को गिरफ्तार किया गया। पुलिस कार्रवाई में कई कार्यकर्ता चोटिल हो गए।

लखनऊ सरोजनीनगर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के हुजूम के साथ बैलगाड़ी के साथ किसान यात्रा निकाली गई। जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की सूचना मिली तो कार्यकर्ताओं ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को घंटे भर तक जाम कर दिया। एमएलसी आनन्द भदौरिया एवं श्री सुनील सिंह साजन जयसिंह जयंत तथा सीएल वर्मा, शंकरी सिंह और चंद्रशेखर यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, मोहनलालगंज में भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। 

लखनऊ महानगर अध्यक्ष के नेतृत्व में हजरतगंज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। पुलिस के लाठीचार्ज में दर्जनों कार्यकर्ता घायल हो गए। श्री दीक्षित के साथ सर्वश्री सौरभ यादव, जेबा यास्मीन, नवीन धवन बंटी, मनोज चौरसिया, मधु यादव को गिरफ्तार  कर लिया गया। जनपद फतेहपुर में जहानाबाद में प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश उत्तम पटेल, बदायूं में पूर्व सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव के साथ पुलिस ने दुव्र्यवहार किया।

गिरफ्तार नेताओं में पूर्व सांसद अनु टण्डन, एमएलसी संतोश यादव सनी, अनुराग भदौरिया, एमएलसी आशु मलिक, अम्बरीश सिंह पुष्कर विधायक, पूर्व विधायक रेहान अहमद, प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता सभा प्रदीप यादव, जितेन्द्र सिंह जीतू, भंते सुमितरतन, राम सिंह राणा, किन्नर सोनम चिश्ती, मिठाई लाल भारती, सर्वेश अम्बेडकर, धीरज यादव एडवोकेट, पवन मनोचा, प्रदीप शर्मा के नाम उल्लेखनीय है।

इस प्रदर्शन में सुशील दीक्षित के साथ मोहम्मद एबाद, विजय सिंह, शकील खान, यामीन खान, सम्राट विकास, हर्ष वशिष्ठ, पवन सरोज, विपिन चैबे, अनुराग यादव, शैलेश यादव, दीपराज यादव एवं सत्यदेव किसान पुलिस के लाठीचार्ज में बुरी तरह घायल हुए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के नेतृत्व में किसान यात्रा नुनारा जहानाबाद फतेहपुर जनपद में 1931 के लगान विरोधी आंदोलन के शहीद स्थल से निकाली गई। इलाहाबाद में एमएलसी रामवृक्ष यादव, जिलाध्यक्ष श्योगेश यादव के साथ तथा सैय्यद इफ्तिखार हुसेन को तमाम साथियों के साथ बंदी बनाया गया।

नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी ने भी बलिया में अपना विरोध जताया। मेरठ में अतुल प्रधान के साथियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। यहां विधायक रफीक अंसारी और अतुल प्रधान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूर्व मंत्री सुधीर रावत तथा वकीलो की भी गिरफ्तारी हुई। सहारनपुर में व्यापारी नेता संजय गर्ग और बरेली में पूर्व विधायक अताउर्रहमान भी बंदी बनाए गए। कानपुर में विधायक अमिताभ बाजपेयी को घर में नज़रबंद किया गया। एलएलसी उदयवीर सिंह को भी पुलिस ने बंदी बनाया।

बदायूं में धर्मेन्द्र यादव पूर्व सांसद भी गिरफ्तार हुए हैं। पीलीभीत में पूर्वमंत्री हाजी रियाज, झांसी में तनवीर आलम, प्रतापगढ़ में ट्रेक्टर पर किसान यात्रा निकाली गई। वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। कन्नौज में किसान यात्रा निकाल रहे कार्यकर्ताओं को गुरसहायगंज थाने में बिठा रखा गया। पूर्व विधायक अनिल दोहरे को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 12 सभासद भी बंदी बनाए गए। कई नेता घरों में नज़रबंद किए गए।

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