धन के लालचियों के कारण बदनाम हुआ डॉक्टरी पेशा : मौलाना आबिद क़ासमी



पूर्वी दिल्ली । डॉक्टर का पेशा बेहद  इज्जतदार और ख़िदमत का पेशा है लेकिन इस पेशे का भी आधुनिकरण हुआ है,जिसके चलते गरीब व मध्यम वर्ग के लोग बड़े प्राइवेट अस्पताल  व नर्सिंग होम में अपना इलाज नहीं करा सकते लेकिन कॉलोनियों के बीच चलने वाले क्लीनिक गरीब व मध्यम वर्ग के लिए काफी कारगर साबित होते हैं । उक्त विचार इस मौक़े पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद जमियत उलेमा ए हिंद दिल्ली स्टेट के अध्यक्ष मौलाना आबिदा कासमी ने शास्त्री पार्क स्थित फैमिली क्लिनिक के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए ।इस क्लीनिक का संचालन डॉक्टर खालदा हनीफ, डॉक्टर कमरुल हक व डॉ० मुफ़ीस अहमद द्वारा किया जाएगा । मौलाना आबिद ने आगे कहा कि जिन चिकित्सकों की बदौलत यह इबादती पेशा बदनाम हो रहा है उन्हें चाहिए कि वह धन के मोह को त्यागकर मन में सेवा भाव पैदा करें तो उन्हें विशेष प्रकार की शांति की अनुभूति होगी । उद्घाटन मौक़े पर फ़ेस ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर मुश्ताक़ अंसारी व दिल्ली स्टेट मोमिन कॉन्फ़्रेन्स के सचिव मास्टर असग़र अली अंसारी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे । इसके अलावा इस मौक़े पर मौलाना नसीरुद्दीन ,हाजी,बादशाह खान,मौलाना  एजाज,मुफ्ती शादाब,मोहम्मद जुबेर,अनिल जैन,हाजी नावेद,मोहम्मद फिरोज, इमरान. दीन मोहम्मद ,मोहम्मद दिलशाद आदि गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे ।इस अवसर पर डॉ मुश्ताक़ अंसारी ने कहा कि  अधिकांश चिकित्सक धन के लालच में इंसानियत भूल चुके हैं लेकिन पेड़ रूपी डॉक्टर हनीफ सिड्डीकी की शाखाएँ डॉ० खालदा हनीफ़, डॉ० अंजरुल हक़ व डॉ० कमरुल हक़ इंसानियत को प्राथमिकता देते हैं यह गरीब व जरूरतमंदों का मुफ़्त इलाज भी करते हैं । उन्होंने कहा समाज में अभी भी ऐसे चिकित्सकों की संख्या अधिक है जो रोगियों का इलाज अपना कर्तव्य समझकर करते हैं । दिल्ली स्टेट मोमिन कॉन्फ़्रेन्स के सचिव मास्टर असग़र अली  अंसारी ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि इस क्लीनिक से नि:संदेह इलाक़े के रोगियों को लाभ पहुँचेगा क्योंकि ये लोग डॉक्टर के साथ साथ समाज सेवी भी हैं,इनका मक़सद पैसा इकट्ठा करना नहीं बल्कि इस्लाम मज़हब की रोशनी में अवाम की ख़िदमत करना है ।