देश के सम्पूर्ण विकास के लिए जरूरी है आपसी एकता : काशीनाथ मिश्र




हैबीटेट सेंटर में हुआ ‘‘जो कुछ मुझे याद है’’ व आबरूये गज़ल का लोकार्पण

 नई दिल्ली। प्रगतिशील साहित्यकार समिति के तत्वावधान में काशीनाथ मिश्र द्वारा लिखित ‘‘जो कुछ मुझे याद है’’ व अना देहलवी द्वारा लिखित ‘‘आबरूये गज़ल’’ किताबों का लोकार्पण इंडिया हैबिटेट सेंटर लोधी रोड में किया गया। समिति की सचिव डॉ० संध्या मिश्रा के नेतृत्व में इस मौक़े पर विराट कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन भी किया गया तथा केक काटकर लेखक काशीनाथ मिश्र का जन्मदिन भी सेलीब्रेट किया गया । फे़स ग्रुप के चेयरमैन डॉ० मुश्ताक अंसारी व टीम केयर इंडिया एवं रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष शहजादे कलीम खान ने श्री काशीनाथ को शॉल पहनाकर व पुष्प भेंट कर विशेष रूप से जन्मदिन की बधाई पेश की और अना देहलवी को भी उनकी छटी पुस्तक के लोकार्पण हेतु स्मृति चिन्ह भेंट कर मुबारकबाद पेश की। 

मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया, उसके उपरांत अतिथियों को पुष्प व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जस्टिस डी-एस- त्रिपाठी, पूर्व आई-ए-एस- धमेन्द्र देव मिश्र, पूर्व आई-पी-एस- विभिूति नारायण राय, पूर्व आई-ए-एस- चंद्र प्रकाश पांडेय, बैध गौरखपुर कविराज पंडित आत्मा राम दुबे, पूर्व सांसद राजेश पांडे, पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता जदयू के-सी- त्यागी, समाज सेवी शहजादे कलीम खान आदि गणमान्य व्यक्ति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मंच का संचालन हरि नारायण हरि व मोईन शादाब द्वारा किया गया। इस अवसर पर कवियों में विष्णु सक्सैना, जमना प्रसाद उपाध्याय, शंकर कैमुरी, भालचंद्र त्रिपाठी, कुमार प्रवीण व शायरों में मुनीर हमदम, नईम राशिद, अरशद नदीम, इकबाल अशर, खालिद आज़मी, अमीर अमरोही, शफ़ीक़ आबदी, नसीम निकरत, अशफाक मारूली, आसिफ सफवी, राजीव रियाज आदि ने अपनी रचनाएं पेश की।  

इस कवि सम्मेलन व मुशायरे में आपसी सौहार्द का बेहतरीन नमूना देखने को मिला। कवि व शायरों ने हिन्दू-मुस्लिम एकता व देश भक्ति रचनाएं पेश कर सेकूलर भारत की तस्वीर को दर्शकों के समक्ष रखा। इस मौके पर काशीनाथ मिश्र व अना देहलवी ने संयुक्त रूप से दर्शक, कवि व शायरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपसी एकता के बल पर ही देश का सम्पूर्ण विकास सम्भव है, हम साहित्य से जुड़े लोग हैं, समाज सुधार व देश की प्रगति के लिए जो भी हम अपनी कलम के माध्यम से कर सकते हैं उसे अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ करते हैं। 

इस मौके पर सय्यद जियाऊल हसन पारे, पूर्व डी-आई-जी- बी एस एफ वाजिद अली, मौ० इकराम एडवोकेट, नरेश वर्मा, मौ० इलयास सैफी, अलीम अंसारी, हेमंत माडे, खुर्शीद अहमद, तारिक सिद्दीकी, डॉ- कमरूल हक, अशरफ अंसारी, मोईन जयपुरिया आदि भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

Report By 

Shivani Choudhary